Alliance Education Trust.
भारतीय दर्शन की समृद्ध परंपरा ने ब्रह्मांड, स्वयं और अस्तित्व को समझने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। इस परंपरा के केंद्र में ... विविधता में एकता के प्रकार (Types of Unity in Deversity in Hindi) भारत के समाज व संस्कृति के जिन क्षेत्रों में विविधता में एकता के दर्शन होते हैं वे क्षेत्र निम्नलिखित हैं:– (1). भारतीय दर्शन का आरम्भ वेदों से होता है। "वेद" भारतीय धर्म, दर्शन, संस्कृति, साहित्य आदि सभी के मूल स्रोत हैं। आज भी धार्मिक और सांस्कृतिक कृत्यों के अवसर पर वेद-मंत्रों का गायन होता..
वैदिक काल के ऋषियों ने हिन्दुओं के सबसे प्राचीन दर्शन की नींव रखी । आरूणि - और याज्ञवल्क्य ( ८ वीं शताब्दी ईसापूर्व ) आदि प्राचीनतम ... भारतीय दर्शन का प्रमुख लक्षण यह है कि यहाँ के दार्शनिकों ने संसार को दुःखमय माना है। दर्शन का विकास ही भारत में आध्यात्मिक असन्तोष ... भारतीय दर्शन का प्रमुख लक्षण:यहाँ के दार्शनिकों ने संसार को दुख:मय माना है। दर्शन का विकास ही भारत में अध्यात्मिक असंतोष के कारण हुआ ... वैदिक और अवैदिक दर्शनों के अतिरिक्त भारतीय दर्शन परंपरा में एक तीसरी धारा शैव तथा शाक्त संप्रदायों की प्रवाहित होती रही है। कुछ ... भारतीय सभ्यता की नींव जिन मूलभूत तत्वों पर आधारित रही है, उनमें दर्शन, धर्म और ज्ञान परंपरा की केंद्रीय भूमिका रही है। भारत की ... भारतीय दर्शन न केवल प्राचीन भारत की बौद्धिक समृद्धि को दर्शाता है, बल्कि आज भी इसके सिद्धांत प्रासंगिक हैं। आत्मा, मोक्ष, पुनर्जन्म ...
Working in The Trust – The Education Alliance
वैदिक और अवैदिक दर्शनों के अतिरिक्त भारतीय दर्शन परंपरा में एक तीसरी धारा शैव तथा शाक्त संप्रदायों की प्रवाहित होती रही है। कुछ ... भारतीय सभ्यता की नींव जिन मूलभूत तत्वों पर आधारित रही है, उनमें दर्शन, धर्म और ज्ञान परंपरा की केंद्रीय भूमिका रही है। भारत की ... भारतीय दर्शन न केवल प्राचीन भारत की बौद्धिक समृद्धि को दर्शाता है, बल्कि आज भी इसके सिद्धांत प्रासंगिक हैं। आत्मा, मोक्ष, पुनर्जन्म ...